टुकड़ा / Piece — Kaushal Kishore

मेरा क्या लेना-देनाइतने बड़े चांद केउदय और अस्त होने से,मुझे तो चाहिएअपनी चांदनी का वो टुकड़ाजिसमें मैं खुद को भींगो सकूं… 🌝 🌝 🌝 🌝 🌝 🌝 What have I to dowith the rising and settingof such a big moon?I need that pieceof my moonlightin which I can soak myself… –Kaushal Kishore image: pinterest

टुकड़ा / Piece — Kaushal Kishore