अनुचित / Unfair — Kaushal Kishore

मैं नहीं जानताऔर जानना भी नहीं चाहताकिसने और क्यों लिखाकि युद्ध और प्रेम मेंसब कुछ जायज होता है,अनुचित अनुचित ही होता हैचाहे वह युद्ध हो या प्रेमया कहीं और… 🕳️🕳️🕳️🕳️🕳️🕳️ I don’t know anddon’t even want to knowwho and why wrotethat everything is fairin war and love,unfair is unfairwhether it is war or loveor anywhere […]

अनुचित / Unfair — Kaushal Kishore