मौन में / In Silence

Kaushal Kishore

बातों ही बातों में
और बातों ही बातों से
कुछ गलतफहमियां बढ़ी
बातें और बढ़ी
फिर दूरियां भी बढ़ी
फिर उसने वह भी सुना
जो मैं ने कहा ही नहीं
और मैं ने वह सुना ही नहीं
जो उसने कहा
क्रोध बढ़ा, चिड़चिड़ापन भी
भ्रम की स्थिति भी बढ़ती गई…

और आवाज तेज होती गई
शोरगुल होने लगा
जबकि हम दोनो पास पास ही थे
नजदीक होकर भी
दूर हो गए एक दूसरे से
जितनी ऊंची आवाज
उतनी ही ज्यादा दूरी…

थक कर शांत हो गए दोनों
अब न आवाज थी न कोई शोरगुल
बस एक अप्रतिम सन्नाटा
फिर शांति थी और था एक एहसास
अपनी गलती का
हम फिर आ गए नजदीक
एक दूसरे को सुनते हुए
अपने मौन में…

🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀

During a general discussion
a few things emerged
cropped up then
some misunderstandings
that further escalated
thus increasing the distance
and then she heard
what I didn’t even…

View original post 89 more words