हर कदम जीत की ओर

Poetry, literature and me

बाधाओं के शिखर होंगे ,
मुश्किलों का कहर होगा ,
परेशानियों का ढेर होगा ,
फिर भी हर कदम मेरा जीत की ओर होगा ।
राह में गहरे गड्ढे भी होंगे ,
लहरों में मुझे डुबाने का शोर भी होगा ,
हवाओं में मुझे गिराने का जोर भी होगा ,
फिर भी हर कदम मेरा जीत की ओर होगा ।
असफलताओं के ढेर भी होंगे ,
संकल्प हिलाने को मेरा प्रयास भी बेजोर होगा
गिरने पर मेरे , हँसने का इंतजार भी जरूर होगा ,
फिर भी हर कदम मेरा जीत की ओर होगा ।
असफलताओं , बाधाओं से ना मेरे सपने खंडित होंगे ,
हर बार गिरने पर मेरा उठने का प्रयास जरूर होगा ,
हैं यकीन मेरी सफलता का भी एक दिन शोर होगा ,
क्योंकि हर कदम मेरा जीत की ओर होगा ।
-हर्षिता

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