मेरी डायरी

Poetry, literature and my life

ज़िंदगी में ऐसे ना जाने कितने मौके आते हैं जब हम सोचते है की अगर हमने अपना ये लक्ष्य पा लिया तो हमारी ज़िंदगी से सारी समस्या समाप्त हो जाएगी। उदाहरण के लिए जब हम छात्र होते है तो हमे लगता हैं की अगर हमनें परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया और अच्छे मार्क्स स्कोर किए तो हमारी सारी समस्या खत्म हो जाएंगी।जब हम थोड़े और बड़े होते है तो लगता है की बस अच्छी सी नौकरी लग जाए फिर तो जीवन में कोई समस्या ही नहीं रहेगी , पर नौकरी लग जाने के बाद सोचते है की बस अपने मन पसंद व्यक्ति से विवाह हो जाए तो जीवन परेशानियों से मुक्त हो जायेगा । फिर विवाह पश्चात सोचने लगते है की बच्चे अच्छे से पढ़े, उनकी नौकरी लग जाए , अच्छे घर में शादी हो जाए तो सभी समस्यों का हाल हो जायेगा । इसी उधेड़ बुन में ना जाने…

View original post 102 more words