हम सच में इतने अलग हैं।

Google translation of title: We really are so different.

Shabd Jaal

कहने के लिए तुम-तुम हो

और मैं-मैं ।

पर क्या ..

हम सच में इतने अलग हैं ??

क्या हमारा दिल एक हीं बात पर नहीं रोता ,

या खुश होता है ?

क्या तुम्हें कुछ अच्छा सुन अच्छा नहीं लगता , जैसे मुझे लगता है ??

या बुरा सुन क्या तुम्हें दुख नहीं होता ??

क्या ख्याब तुम्हारा पीछा वैसे हीं नहीं करते,

जैसे मेरा करते हैं ?

क्या तितलियाँ, हवाएं , पहाड़ तुम्हें नहीं लुभाती,

जैसे मुझे लुभाती हैं ?

क्या तुम्हारी तृपता

मेरी संतुष्टि के अनुभव से अलग हो जाती हैं ?

और बेचैनी भरी रातें क्या

तुम्हें नहीं सताती हैं ?

क्या बच्चों की मुस्कान तुम्हें आनंदित नहीं करती जैसे मुझे करतीं हैं ?

जब हमारी खुशियाँ, दर्द, प्यास,

हर जज़्बात और अहसास

सब एक से हैं ,

तो हम अलग कैसे ?

तुम-तुम कैसे ?

और मैं-मैं कैसे ?

ये नफ़रत कैसे ?

ये अंतर-भेद…

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