मैं इंसानियत हूं

I am Human… Use Google to translate from Hindu, if you need to.

Poetry, literature and my life

मैं हिंदू हूं ,
जो मस्जिद के आगे सिर झुकाता है
जो गुरूद्वारे में भी माथा टेकने जाता है
जो चर्च में भी कैंडल जला कर आता है
जो मंदिर में दिया जलाने जाता है
क्योंकि मैं हिंदू ही नहीं भारतीय भी हूं ।
मैं मुस्लिम हूं ,
जो मंदिर के आगे झुक जाता हैं
जो जोर- शोर से लोहडी भी मनाता हैं
जो क्रिसमस में भी खुशियां मनाता हैं
जो नमाज़ अदा करने मस्जिद भी जाता हैं
क्योंकि मैं मुस्लिम ही नहीं भारतीय भी हूं।
मैं सिक्ख हूं ,
जो ईस्टर भी मनाता हैं
जो क़ुरान पढ़ना भी जानता हैं
जो होली में रंग भी लगाता हैं
जो वैशाखी भी मनाता हैं
क्योंकि मैं सिक्ख ही नहीं भारतीय भी हूं।
मैं ईसाई हूं ,
जो गुरुनानक के कदमों पर चलता हैं
जो गीता का ज्ञान भी ग्रहण करता हैं
जो ईद भी मनाता हैं
जो बाइबिल भी पढ़ता हैं

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